पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटे सुलेमान ईसा खान और कासिम खान जनवरी 2026 में लंदन से पाकिस्तान पहुंच सकते हैं। दोनों भाइयों ने खुलकर कहा है कि वे अपने पिता की जेल में स्थिति को लेकर बेहद चिंतित हैं और उन्हें डर है कि इमरान खान की जान को खतरा हो सकता है। उनका दावा है कि सत्ता में बैठे लोग इमरान खान की लोकप्रियता से डरते हैं और इसी वजह से उन्हें “डेथ सेल जैसी” कोठरी में रखा गया है। लंदन में रहने वाले सुलेमान और कासिम ने पाकिस्तानी वीजा के लिए आवेदन कर दिया है। दोनों को उम्मीद है कि पाकिस्तानी अधिकारियों की सार्वजनिक घोषणा के अनुसार उन्हें देश में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। यह जानकारी उन्होंने स्काई न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में साझा की, जिसमें उन्होंने अपने पिता की जेल की हालत और उनके साथ हो रहे व्यवहार को अमानवीय करार दिया।
डेथ सेल में रखे जाने का दावा
इंटरव्यू में कासिम खान ने कहा कि इमरान खान को ऐसी कोठरी में रखा गया है, जो किसी डेथ सेल से कम नहीं है। उनके अनुसार, इमरान खान दिन के 23 घंटे अकेले रहते हैं और उन्हें बाहरी दुनिया से लगभग पूरी तरह काट दिया गया है। कासिम ने कहा कि इस तरह का एकांत और मानसिक दबाव किसी भी इंसान के लिए खतरनाक हो सकता है, खासकर तब, जब वह पहले से कई मामलों में सजा काट रहा हो।
दोनों भाइयों का कहना है कि जेल प्रशासन की ओर से लगातार मुलाकात की अनुमति रोकी जा रही है, जिससे परिवार को इमरान खान की सेहत की सटीक जानकारी तक नहीं मिल पा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब जानबूझकर किया जा रहा है ताकि इमरान खान को पूरी तरह अलग-थलग रखा जा सके।
जेल के बाहर प्रदर्शन और वॉटर कैनन
मंगलवार, 16 दिसंबर 2026 को इमरान खान की तीनों बहनों समेत बड़ी संख्या में समर्थकों ने अदियाला जेल के बाहर धरना दिया। शाम होते-होते प्रदर्शन को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। पाकिस्तान के प्रमुख अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वॉटर कैनन में केमिकल मिला पानी इस्तेमाल किया गया, जिससे हालात और बिगड़ गए।
जब सुलेमान से इस प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसे अमानवीय और दमनकारी बताया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर जब भी उनके पिता की मौत की अफवाहें फैलती हैं, तो वे और उनका परिवार गहरे तनाव में आ जाते हैं।
पाकिस्तान आने को लेकर विरोधाभासी बयान
सुलेमान और कासिम ने यह भी बताया कि पहले उन्हें पाकिस्तान न आने की चेतावनियां दी गई थीं। हालांकि, बाद में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सार्वजनिक रूप से कहा कि इमरान खान के बेटों का स्वागत है और वे अपने पिता से मिल सकते हैं। इसी बयान के बाद दोनों भाइयों ने पाकिस्तान आने की योजना को अंतिम रूप देना शुरू किया।
इस पर कासिम ने कहा, “अब हम इसकी योजना बना रहे हैं क्योंकि यह बात खुलकर कही गई है। जब तक वे अपनी बात से पीछे नहीं हटते, हम उम्मीद करते हैं कि जनवरी में पाकिस्तान जाएंगे। हमने वीजा के लिए आवेदन कर दिया है और उम्मीद है कि वह जल्द मिल जाएगा।”
अंतरराष्ट्रीय मंच पर आवाज उठाने की तैयारी
दोनों भाइयों ने यह भी साफ किया कि वे सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपने पिता की स्थिति को उठाने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि जनवरी में वे ब्रसेल्स या जिनेवा जा सकते हैं, जहां वे दुनिया भर के नेताओं और अधिकारियों से इमरान खान की हालत पर बात करेंगे।
इमरान खान अगस्त 2023 से अदियाला जेल में बंद हैं और उन्हें तोशाखाना समेत कई मामलों में सजा सुनाई जा चुकी है। कासिम ने कहा कि भले ही पाकिस्तान में और भी कई नेता जेल में रहे हों, लेकिन इमरान खान के साथ जो व्यवहार हो रहा है, वह बिल्कुल अलग और कहीं ज्यादा कठोर है।
लोकप्रियता से डर का आरोप
दोनों बेटों का मानना है कि मौजूदा हुक्मरान इमरान खान की लोकप्रियता से खौफजदा हैं। कासिम खान ने कहा, “वह देश में सबसे लोकप्रिय व्यक्ति हैं। सत्ता में बैठे लोग जानते हैं कि जिस पल वे बाहर आएंगे, उनके लिए सत्ता में बने रहना नामुमकिन हो जाएगा। इसी वजह से वे किसी भी कीमत पर इमरान खान को जेल में ही रखना चाहते हैं।”
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर पाकिस्तान की राजनीति, मानवाधिकारों और न्यायिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले महीनों में यह देखना अहम होगा कि इमरान खान के बेटे पाकिस्तान पहुंच पाते हैं या नहीं, और उनकी मौजूदगी इस पूरे मामले को किस दिशा में ले जाती है।