अमेरिका में भारतीय मूल की 60 वर्षीय महिला बबलजीत बबली कौर को उनके ग्रीन कार्ड इंटरव्यू के आखिरी चरण के दौरान हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया है। यह कार्रवाई अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारियों की ओर से की गई, जिसने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि स्थानीय भारतीय समुदाय को भी गहरे सदमे में डाल दिया है। बबलजीत कौर साल 1994 से अमेरिका में रह रही हैं और दशकों से वहीं अपना जीवन, परिवार और व्यवसाय स्थापित कर चुकी हैं।
जानकारी के मुताबिक, बबलजीत कौर अपने लंबित ग्रीन कार्ड आवेदन से जुड़े बायोमेट्रिक स्कैन अपॉइंटमेंट के लिए गई थीं। यह प्रक्रिया आमतौर पर ग्रीन कार्ड इंटरव्यू का अंतिम चरण मानी जाती है। इसी दौरान फेडरल एजेंटों ने उन्हें हिरासत में ले लिया। यह घटना उस समय हुई जब वह अमेरिकी इमिग्रेशन और कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के ऑफिस के फ्रंट डेस्क पर मौजूद थीं।
इंटरव्यू के दौरान अचानक हुई कार्रवाई
लॉन्ग बीच वॉचडॉग की रिपोर्ट के अनुसार, बबलजीत कौर की बेटी जोती ने बताया कि उनकी मां की ग्रीन कार्ड याचिका पहले ही उनकी दूसरी बेटी, जो अमेरिकी नागरिक है, की ओर से मंजूर हो चुकी थी। इसके अलावा, बबलजीत कौर के पति के पास भी ग्रीन कार्ड है। ऐसे में परिवार को पूरा भरोसा था कि ग्रीन कार्ड प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है और सब कुछ सामान्य तरीके से पूरा हो जाएगा।
जोती के अनुसार, 1 दिसंबर 2025 को जब उनकी मां ICE ऑफिस पहुंचीं, तभी वहां कई फेडरल एजेंट्स पहुंचे। कुछ देर बाद बबलजीत कौर को एक कमरे में बुलाया गया, जहां एजेंट्स पहले से मौजूद थे। वहीं उन्हें बताया गया कि उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है। यह खबर उनके लिए पूरी तरह अप्रत्याशित थी, क्योंकि वह एक कानूनी प्रक्रिया के तहत खुद ऑफिस पहुंची थीं।
एडेलांटो ICE डिटेंशन सेंटर में भेजा गया
हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने बबलजीत कौर को उनके वकील से फोन पर बात करने की अनुमति दी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें रिहा नहीं किया गया। इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह रही कि कई घंटों तक उनके परिवार को यह जानकारी नहीं दी गई कि उन्हें कहां ले जाया गया है। परिवार को बाद में पता चला कि कौर को रातों-रात एडेलांटो ट्रांसफर कर दिया गया है।
एडेलांटो, कैलिफोर्निया में स्थित यह केंद्र पहले एक फेडरल जेल था, जिसे अब ICE डिटेंशन सेंटर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। फिलहाल बबलजीत कौर को यहीं हिरासत में रखा गया है। परिवार का कहना है कि उनकी उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।
कौन हैं बबलजीत बबली कौर?
बबलजीत बबली कौर भारतीय मूल की नागरिक हैं और पिछले तीन दशकों से अधिक समय से अमेरिका में रह रही हैं। अमेरिका आने के बाद उनका परिवार पहले लगूना बीच के पास रहा, फिर काम और जीवन की जरूरतों के चलते वे बेलमोंट शोर इलाके के पास लॉन्ग बीच में बस गए। कौर का परिवार स्थानीय समुदाय में अच्छी तरह जाना-पहचाना है।
उनके तीन बच्चे हैं। उनकी 34 वर्षीय बेटी जोती को DACA (डिफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुड अराइवल्स) के तहत कानूनी दर्जा प्राप्त है, जबकि उनका बड़ा बेटा और दूसरी बेटी दोनों अमेरिकी नागरिक हैं। इसके अलावा, बबलजीत कौर और उनके पति पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से बेलमोंट शोर की सेकंड स्ट्रीट पर “नटराज क्यूजीन ऑफ इंडिया एंड नेपाल” नाम से एक रेस्टोरेंट चला रहे हैं। यह रेस्टोरेंट न सिर्फ भारतीय और नेपाली खाने के लिए मशहूर है, बल्कि स्थानीय समुदाय का एक अहम हिस्सा भी बन चुका है।
परिवार और समुदाय में चिंता
बबलजीत कौर की हिरासत ने उनके परिवार को गहरे तनाव में डाल दिया है। परिवार का कहना है कि उन्होंने हमेशा कानून का पालन किया है और ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया भी पूरी तरह वैध तरीके से चल रही थी। ऐसे में इंटरव्यू के आखिरी चरण में इस तरह की कार्रवाई कई सवाल खड़े करती है।
यह मामला अमेरिका की इमिग्रेशन नीति और उसके क्रियान्वयन को लेकर भी बहस को जन्म दे रहा है, खासकर उन लोगों के लिए जो वर्षों से अमेरिका में रहकर काम कर रहे हैं, टैक्स भरते हैं और अपने परिवार व समुदाय के साथ गहराई से जुड़े हुए हैं। बबलजीत बबली कौर का मामला अब सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि हजारों प्रवासी परिवारों की अनिश्चितता और डर का प्रतीक बनता जा रहा है।