प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों तीन देशों की चार दिवसीय विदेश यात्रा पर हैं, जिसमें भारत की कूटनीतिक सक्रियता और वैश्विक प्रभाव साफ दिखाई दे रहा है। इस यात्रा के तहत मंगलवार को पीएम मोदी इथियोपिया पहुंचे, जहां उनका भव्य और आत्मीय स्वागत किया गया। इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली ने न सिर्फ एयरपोर्ट पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, बल्कि उन्हें अपनी निजी कार में बैठाकर होटल तक भी ले गए। यह दृश्य दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्तों और आपसी सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है।
बुधवार को पीएम मोदी ने इथियोपिया की संसद को संबोधित किया। अपने भाषण की शुरुआत में उन्होंने कहा कि आज आपके सामने खड़ा होना मेरे लिए गर्व की बात है। उन्होंने इथियोपिया को “शेरों की धरती” बताते हुए कहा कि यहां आकर उन्हें घर जैसा महसूस हो रहा है, क्योंकि भारत में उनका गृह राज्य गुजरात भी शेरों के लिए प्रसिद्ध है। इस भावनात्मक जुड़ाव ने वहां मौजूद सांसदों और जनता को गहराई से प्रभावित किया।
इथियोपिया संसद में पीएम मोदी को मिला ऐतिहासिक सम्मान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के बाद इथियोपिया की संसद तालियों की गूंज से भर उठी। सांसदों ने खड़े होकर पूरे 90 सेकंड तक तालियां बजाईं और स्टैंडिंग ओवेशन देकर उनका सम्मान किया। यह नजारा भारत-इथियोपिया की गहरी दोस्ती, साझा इतिहास और सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाता है। अफ्रीकी महाद्वीप में भारत की बढ़ती भूमिका और भरोसेमंद साझेदारी को भी इस सम्मान के रूप में देखा जा रहा है। पीएम मोदी ने अपने भाषण में भारत और इथियोपिया के बीच व्यापार, शिक्षा, तकनीक, कृषि और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अफ्रीका को सिर्फ एक साझेदार नहीं, बल्कि भविष्य का अहम स्तंभ मानता है।
प्रधानमंत्री अबी अहमद का व्यक्तिगत अपनापन
इथियोपिया दौरे के समापन पर प्रधानमंत्री अबी अहमद ने एक बार फिर अपने विशेष अपनापन का परिचय दिया। ओमान के लिए रवाना होने से पहले उन्होंने पीएम मोदी को अपनी कार में बैठाकर एयरपोर्ट तक छोड़ा और विमान में सवार होने से पहले व्यक्तिगत रूप से विदा किया। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में इस तरह की व्यक्तिगत गर्मजोशी को बेहद खास माना जाता है, जो नेताओं के बीच गहरे विश्वास को दर्शाती है।
तीन देशों की रणनीतिक यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह यात्रा कुल तीन देशों की है। दौरे के पहले चरण में 15-16 दिसंबर को उन्होंने जॉर्डन का दौरा किया, जहां जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय बिन अल हुसैन के साथ द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापार और सांस्कृतिक सहयोग पर चर्चा की गई। इसके बाद 16-17 दिसंबर को पीएम मोदी इथियोपिया पहुंचे, जहां उन्होंने न केवल राजनीतिक नेतृत्व से मुलाकात की, बल्कि संसद को संबोधित कर भारत की नीतियों और दृष्टिकोण को साझा किया। अब यात्रा के अंतिम चरण में 17-18 दिसंबर को प्रधानमंत्री ओमान के लिए रवाना हो गए हैं।
ओमान में अहम मुलाकातें तय
ओमान सल्तन के दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात सुल्तान हैथम बिन तारिक से होगी। यह 2023 के बाद पीएम मोदी की ओमान की दूसरी यात्रा होगी। ओमान भारत का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक और ऊर्जा साझेदार है। इस दौरे के दौरान व्यापार, निवेश, ऊर्जा सहयोग और भारतीय प्रवासियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह तीन देशों की यात्रा भारत की वैश्विक कूटनीति को नई मजबूती देती नजर आ रही है। इथियोपिया में मिला सम्मान और ओमान के साथ गहरे होते संबंध भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय भूमिका का स्पष्ट संकेत हैं।