पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर पाकिस्तान सेना और सरकार पर एक बेहद गंभीर और विस्फोटक आरोप लगा है। इमरान खान के बेटे कासिम ने दावा किया है कि उनके पिता को जेल में जानबूझकर हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारी के जरिए मारने की तैयारी की जा रही है।
डेथ सेल में अमानवीय स्थिति
स्काई न्यूज से बात करते हुए कासिम ने आदियाला जेल की अमानवीय परिस्थितियों का खुलासा किया, जहां इमरान खान को रखा गया है।
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बीमारी का खतरा: कासिम के मुताबिक, "मेरे पिता को जहां रखा गया है, उसके आसपास के कैदी हेपेटाइटिस से मर रहे हैं।"
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डेथ सेल: उन्होंने बताया कि उनके पिता को आदियाला जेल में हर दिन 23 घंटे के लिए 'डेथ सेल' में रखा जा रहा है।
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अलगाव: उन्हें न तो परिवार से और न ही वकील से मिलने दिया जा रहा है, जिससे उनकी स्वास्थ्य स्थिति और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
गंदगी और प्रताड़ना का आरोप
कासिम ने जेल के अंदर की भयानक गंदगी और प्रताड़ना के तरीकों का भी जिक्र किया, जिससे इमरान खान के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
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गंदगी: कासिम के अनुसार, इमरान खान को जहां रखा गया है, उसके आसपास का 90 प्रतिशत एरिया गंदगियों से भरा है।
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मूलभूत सुविधाओं का अभाव: "मेरे पिता को फर्श पर सोना पड़ा रहा है। उन्हें गंदे पानी पीने के लिए दिए जा रहे हैं।"
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सरकारी रणनीति: कासिम ने आरोप लगाया कि सरकार उन पर हत्या का आरोप न आए, इसलिए चाहती है कि इमरान खुद बीमार होकर मर जाएं। यह पाकिस्तान के इतिहास की याद दिलाता है, जहां 1980 के दशक में सैन्य शासन ने लोकप्रिय नेता जुल्फिकार भुट्टो को फांसी पर चढ़वा दिया था, और सेना पर कई जनप्रतिनिधियों को जहर देकर मारने का भी आरोप लगता रहा है।
आसिम मुनीर पर सीधा आरोप
इमरान खान ने खुद भी अपनी बहन उज्मा से मुलाकात के दौरान अपने ऊपर हो रहे अत्याचारों के बारे में बताया था।
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सैन्य प्रमुख पर आरोप: इमरान खान का कहना था कि उन पर पाकिस्तान सेना के प्रमुख आसिम मुनीर के इशारे पर अत्याचार किया जा रहा है।
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किसी भी अनहोनी की जिम्मेदारी: इमरान ने किसी भी अनहोनी के लिए सीधे तौर पर आसिम मुनीर को ही जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है, "मुझे कुछ होता है तो इसके लिए सीधे तौर पर आसिम जिम्मेदार होंगे।"
बेटों का पाकिस्तान दौरा
कासिम ने बताया कि उन्हें अब नहीं लगता है कि वे अपने पिता से मिल पाएंगे। उन्होंने अगस्त 2025 में पाकिस्तान आने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली थी। कासिम ने अपने भाई के साथ अब जनवरी 2026 में पाकिस्तान जाने का फैसला किया है, ताकि वे अपने पिता की स्थिति का जायजा ले सकें।
इमरान खान के बेटे का यह खुलासा अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों के लिए एक बड़ा चिंता का विषय बन गया है और पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति में सैन्य हस्तक्षेप को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।