आज दोपहर ढाई बजे से जब अबू धाबी में आईपीएल 2026 के लिए मिनी ऑक्शन का हथौड़ा चलेगा, तो सबकी निगाहें ऑस्ट्रेलिया के सनसनीखेज ऑलराउंडर कैमरून ग्रीन पर टिकी होंगी. क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस ऑक्शन में वर्ल्ड क्लास बॉलिंग ऑलराउंडर की कमी होने के चलते, कंगारू ऑलराउंडर ग्रीन पर जमकर पैसों की बारिश हो सकती है.
मिनी ऑक्शन का सीधा फायदा ग्रीन को इसलिए मिलेगा क्योंकि बड़ी पर्स वाली दो दिग्गज टीमें—कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK)—को अपनी टीम को मजबूत करने के लिए एक प्रमुख ऑलराउंडर की सख्त तलाश है. ये दोनों ही टीमें ग्रीन को खरीदने के लिए किसी भी हद तक जा सकती हैं.
टीमों के पर्स की स्थिति और खरीददारी की योजना
ऑक्शन में 10 टीमें मिलकर कुल 77 खिलाड़ियों को खरीदने के लिए उतरेंगी, जिसके लिए उनके पास संयुक्त रूप से ₹237 करोड़ 55 लाख की राशि उपलब्ध है.
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कोलकाता नाइट राइडर्स: KKR के पास सबसे ज्यादा ₹64 करोड़ 30 लाख की राशि है. टीम को अपने स्क्वाड को नए सिरे से तैयार करना है और उसे 13 खिलाड़ियों को खरीदना है.
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चेन्नई सुपर किंग्स: CSK भी एक मजबूत दावेदार होगी, जिसके पास ऑक्शन के लिए ₹43 करोड़ 40 लाख की राशि उपलब्ध है.
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मुंबई इंडियंस: हालांकि, मुंबई इंडियंस (MI) की नीलामी में भूमिका सीमित रहने वाली है, क्योंकि उनके पर्स में सिर्फ ₹2 करोड़ 75 लाख बचे हैं. उम्मीद है कि वह केवल कुछ अनकैप्ड (जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला हो) खिलाड़ियों को उनके बेस प्राइस पर ही खरीद पाएगी.
ग्रीन के अलावा इन सितारों पर भी रहेगी नजर
कैमरून ग्रीन के अलावा, भारतीय ऑलराउंडर वेंकटेश अय्यर और इंग्लैंड के आक्रामक बल्लेबाज लियाम लिविंगस्टोन पर भी भारी-भरकम बोली लगने की संभावना है. ये तीनों ही खिलाड़ी सबसे ज्यादा ₹2 करोड़ के आधार मूल्य वाले खिलाड़ियों की सूची में शामिल हैं. तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर हमेशा से आईपीएल नीलामी में आकर्षण का केंद्र रहे हैं, और वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर जेसन होल्डर पर भी टीमें दांव लगा सकती हैं.
मिनी ऑक्शन क्यों होता है ज्यादा दिलचस्प?
क्रिकेट जगत में अक्सर यह माना जाता है कि छोटी (मिनी) नीलामी, बड़ी (मेगा) नीलामी से कहीं अधिक दिलचस्प होती है. इसका मुख्य कारण यह है कि फ्रेंचाइजियां अक्सर मेगा ऑक्शन में अपने मुख्य खिलाड़ियों को रिटेन कर लेती हैं. मिनी ऑक्शन में वे सिर्फ अपनी टीम की खास जरूरतों और कमियों को पूरा करने के लिए उतरती हैं.
फ्रेंचाइजी एक खास पसंद और अलग-अलग कौशल वाले खिलाड़ियों को अपने साथ जोड़ने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार रहती हैं. जब केवल एक-दो स्लॉट भरने होते हैं, तो टीमें अक्सर एक विशिष्ट खिलाड़ी को हासिल करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देती हैं, जिससे बोली रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच जाती है. ग्रीन जैसे वर्ल्ड-क्लास 'तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर' के लिए यह रणनीति पूरी तरह से फिट बैठती है.
यह ऑक्शन सिर्फ खिलाड़ियों की खरीद-फरोख्त नहीं, बल्कि दो बड़ी फ्रेंचाइजियों (KKR और CSK) के बीच एक रणनीतिक जंग भी साबित हो सकता है.