ताजा खबर

क्या आपके पास भी आया है इनकम टैक्स रिफंड का ये ई-मेल, रुकिए खाली हो सकती है जेब

Photo Source :

Posted On:Wednesday, December 17, 2025

आयकर विभाग (Income Tax Department) ने हाल ही में करदाताओं के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा चेतावनी जारी की है। विभाग ने आगाह किया है कि इन दिनों फर्जी इनकम टैक्स रिफंड के नाम पर ई-मेल और मैसेज की एक नई लहर चल रही है। साइबर अपराधी बड़ी चतुराई से आधिकारिक दिखने वाले संदेश भेजकर लोगों की मेहनत की कमाई और निजी जानकारी पर डाका डाल रहे हैं।

सावधानी हटी, दुर्घटना घटी: कैसे होता है स्कैम?

यह पूरा खेल 'फिशिंग' (Phishing) तकनीक पर आधारित है। स्कैमर्स आपको एक ऐसा ई-मेल या एसएमएस भेजते हैं जो बिल्कुल आयकर विभाग के संदेश जैसा लगता है। इसमें दावा किया जाता है कि आपका एक निश्चित राशि का रिफंड मंजूर हो गया है और उसे पाने के लिए आपको नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करना होगा।

  • नकली लिंक: लिंक पर क्लिक करते ही एक ऐसी वेबसाइट खुलती है जो हुबहू इनकम टैक्स पोर्टल जैसी दिखती है।

  • डेटा चोरी: यहाँ आपसे आपका पैन (PAN), आधार, नेट बैंकिंग पासवर्ड और सबसे महत्वपूर्ण OTP मांगा जाता है। जैसे ही आप ये जानकारी भरते हैं, स्कैमर्स आपके बैंक खाते तक पहुँच बना लेते हैं।

  • पहचान के संकेत: अक्सर इन फर्जी ई-मेल्स में स्पेलिंग की गलतियां होती हैं (जैसे 'Income' की जगह 'Incom') और भेजने वाले का ई-मेल एड्रेस आधिकारिक नहीं होता।

फर्जी डिडक्शन और गलत रिफंड का खेल

विभाग ने केवल बाहरी स्कैमर्स ही नहीं, बल्कि उन आंतरिक धोखाधड़ी करने वाले एजेंटों पर भी नकेल कसी है जो गलत तरीके से टैक्स बचाने का लालच देते हैं।

  1. झूठे दावे: कुछ एजेंट कमीशन के बदले करदाताओं के रिटर्न में फर्जी निवेश और कटौती (Deductions) दिखाते हैं।

  2. राजनीतिक चंदा: कई मामलों में 'रजिस्टर्ड अनरिकॉग्नाइज्ड पॉलिटिकल पार्टीज़' (RUPPs) या फर्जी चैरिटेबल ट्रस्टों को दिए गए दान के नाम पर गलत टैक्स छूट ली जा रही है। आयकर विभाग अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से ऐसे संदिग्ध ट्रांजेक्शन को आसानी से पकड़ रहा है।

खुद को सुरक्षित रखने के 'गोल्डन रूल्स'

आयकर विभाग ने टैक्सपेयर्स को सुरक्षित रहने के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश दिए हैं:

क्या करें क्या न करें
हमेशा आधिकारिक वेबसाइट www.incometax.gov.in का उपयोग करें। किसी अनजान लिंक या पॉप-अप पर क्लिक न करें।
ई-मेल भेजने वाले का डोमेन (@incometax.gov.in) ध्यान से चेक करें। फोन पर किसी को अपना बैंक पासवर्ड या OTP न बताएं।
संदिग्ध ई-मेल को webmanager@incometax.gov.in पर रिपोर्ट करें। सोशल मीडिया पर मिले टैक्स रिफंड के दावों पर भरोसा न करें।

निष्कर्ष

डिजिटल युग में आपकी जागरूकता ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है। आयकर विभाग कभी भी फोन कॉल या मैसेज के जरिए आपकी बैंकिंग जानकारी नहीं मांगता। यदि आपको रिफंड का स्टेटस चेक करना है, तो सीधे आधिकारिक पोर्टल पर लॉगिन करें। याद रखें, टैक्स चोरी और गलत रिफंड का दावा करना आपको कानूनी मुसीबत में डाल सकता है, जबकि फिशिंग का शिकार होना आपके बैंक खाते को खाली कर सकता है।


लखनऊ और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. Lucknowvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.