दिग्गज निवेशक और ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) ने रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) को लेकर एक बेहद सकारात्मक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली इस कंपनी के लिए 'टर्निंग पॉइंट' साबित हो सकता है। ब्रोकरेज का मानना है कि रिलायंस के सभी प्रमुख वर्टिकल्स—एनर्जी, रिटेल और टेलीकॉम—पहली बार फ्री कैश फ्लो (FCF) पॉजिटिव होने की राह पर हैं।
इसी दमदार प्रदर्शन की उम्मीद में मॉर्गन स्टेनली ने रिलायंस के शेयर पर 'ओवरवेट' रेटिंग बरकरार रखी है और 1,847 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है, जो मौजूदा स्तर से लगभग 20% की बढ़त का संकेत है।
1. रिफाइनिंग सेक्टर का ‘सुनहरा दौर’ (Golden Age)
मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, रिलायंस का ओ2सी (Oil to Chemicals) और फ्यूल रिफाइनिंग बिजनेस फिलहाल कंपनी का सबसे अधिक लाभदायक लेकिन बाजार द्वारा कम आंका गया हिस्सा है।
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मजबूत मार्जिन: वर्तमान में कंपनी का मार्जिन $14 प्रति बैरल के आसपास है, जो सामान्य औसत (Mid-cycle level) से 1.5 गुना अधिक है।
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रिटेल नेटवर्क: कंपनी के फ्यूल रिटेल नेटवर्क के विस्तार ने कैश फ्लो को मजबूती दी है। वैश्विक स्तर पर फ्यूल कैपेसिटी में धीमी वृद्धि का सीधा फायदा रिलायंस को वित्त वर्ष 2027-28 में मिलने की उम्मीद है।
2. रिटेल बिजनेस: FMCG और क्विक कॉमर्स में दबदबा
रिलायंस रिटेल ने पिछले कुछ वर्षों में असाधारण वृद्धि दिखाई है। अब यह वर्टिकल दिग्गज कंपनी ITC के FMCG बिजनेस के बराबर खड़ा होने की ओर अग्रसर है।
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JioMart और डार्क स्टोर्स: रिलायंस ने क्विक कॉमर्स क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए डार्क स्टोर्स का जाल बिछाया है, जिसके कारण सितंबर 2025 तिमाही में 42% की तिमाही ग्रोथ दर्ज की गई।
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भविष्य की रफ्तार: अनुमान है कि FY25 से FY28 के बीच रिटेल सेक्टर 17% CAGR (चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर) से रिकवरी करेगा।
3. टेलीकॉम: पहली बार कैश फ्लो पॉजिटिव
रिलायंस जियो के लिए सबसे बड़ी खबर यह है कि इसका टेलीकॉम वर्टिकल पहली बार फ्री कैश फ्लो पॉजिटिव हो गया है।
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विकास के कारक: ग्राहकों की संख्या में वृद्धि (Subscriber Growth), प्रति यूजर औसत राजस्व (ARPU) में बढ़ोतरी और कम होते पूंजीगत खर्च (Capex) ने EBITDA में 18% की तेजी लाने में मदद की है।
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डिजिटल और वायरलेस दोनों क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन की वजह से इस वर्टिकल का रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) 7% के आसपास स्थिर है।
4. केमिकल्स सेक्टर में सुधार की उम्मीद
हालांकि केमिकल सेक्टर फिलहाल एक 'डाउन-साइकिल' से गुजर रहा है, लेकिन चीन में क्षमता विस्तार की धीमी गति और पुरानी फैक्ट्रियों के बंद होने से राहत मिलने की उम्मीद है। मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि 2026 के अंत तक रिलायंस के केमिकल्स वर्टिकल में 10-15% मार्जिन रिकवरी देखने को मिल सकती है।
निवेश का नजरिया: क्यों खास है रिलायंस?
मौजूदा समय में रिलायंस का स्टॉक अपने प्रतिस्पर्धियों (Peer Multiples) के मुकाबले 60% से अधिक डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है। ब्रोकरेज फर्म का तर्क है कि यदि रिलायंस के सभी ग्रोथ इंजन इसी रफ्तार से चलते रहे, तो यह कंपनी की नेट एसेट वैल्यू (NAV) में $50 बिलियन से ज्यादा का इजाफा कर सकता है।
कुल मिलाकर, साल 2026 रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए एक ऐसा वर्ष होगा जहां कंपनी निवेश के दौर से निकलकर बड़े पैमाने पर मुनाफा कमाने और नकदी बनाने के चरण में प्रवेश करेगी।